LOKVAANI 24
संपादकीय नीति
- महत्वपूर्ण तथ्यों को विश्वसनीय/प्राथमिक स्रोतों से verify करने का प्रयास किया जाएगा।
- गंभीर आरोपों को तथ्य की तरह नहीं लिखा जाएगा जब तक उनके लिए पर्याप्त आधार न हो; भाषा में आरोप/दावा/जांच की स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
- जहां उचित और संभव हो, संबंधित व्यक्ति या संस्था का पक्ष लेने का प्रयास किया जाएगा।
- Headline article के facts से आगे जाकर misleading conclusion नहीं बनाएगा।
- Breaking/developing stories को नए facts मिलने पर update किया जा सकता है।
- Material factual errors को Correction Policy के अनुसार सुधारा जाएगा।
- Paid/sponsored content को स्पष्ट रूप से label किया जाएगा।
- AI tools research, translation, drafting या language assistance में मदद कर सकते हैं, लेकिन महत्वपूर्ण factual claims को human editorial verification के बिना publish नहीं किया जाएगा।
- User-generated material को verification के बिना स्वतंत्र तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाएगा।
- नाबालिगों, sexual-offence victims, private medical information और अन्य sensitive personal information की reporting में विशेष सावधानी बरती जाएगी।
जोखिम कम करने की संपादकीय जाँच-सूची
- वास्तविक लेखक पहचान और लेखक/संपादक लॉग रखें।
- संवेदनशील खबरों के लिए स्रोत नोट्स और आधिकारिक दस्तावेज़ रखें।
- अपराध, भ्रष्टाचार, यौन अपराध, राजनीतिक और उच्च-प्रतिष्ठा जोखिम वाली खबरों पर दो-व्यक्ति संपादकीय समीक्षा।
- गंभीर आरोपों पर जहां व्यावहारिक हो, जवाब का उचित अवसर दें।
- महत्वपूर्ण गलतियाँ तुरंत सुधारें।
- कभी भी उद्धरण या दस्तावेज़ गढ़ें नहीं।
- निजी व्यक्तिगत डेटा केवल इसलिए न छापें कि वह कहीं सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।
- लाइसेंसशुदा/कानूनी छवियाँ ही उपयोग करें।
- राय, विश्लेषण, स्पॉन्सर्ड और यूजर-जनित सामग्री को लेबल करें।
- नोटिस और अदालती आदेशों के लिए कानूनी एस्केलेशन प्रक्रिया रखें।
- Grievance और correction के रिकॉर्ड रखें।
- लॉन्च से पहले लागू IT Rules, Press Council मानदंड और प्राइवेसी कानून की समीक्षा करें।
संदर्भ: Press Council of India — presscouncil.nic.in · MIB — mib.gov.in · MeitY — meity.gov.in।
नोट: ये नीतियाँ कानूनी और संपादकीय जोखिम कम करने के लिए हैं। ये शिकायत, नोटिस, सिविल दावे या आपराधिक कार्यवाही से पूर्ण छूट की गारंटी नहीं देतीं। भारतीय कानून जिस दायित्व को बाहर नहीं करने देता, उसे कोई वेबसाइट डिस्क्लेमर हटा नहीं सकता। लॉन्च से पहले भारतीय मीडिया/प्राइवेसी वकील से अंतिम पाठ की समीक्षा करवाएँ। आधिकारिक ईमेल, फोन, कानूनी इकाई का नाम और grievance संपर्क Admin में भरने के बाद ही प्रकाशित करें — अनुमान से न लिखें।
